8th Pay Commission: क्या आप भी उन 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों या 69 लाख पेंशनर्स में शामिल हैं जो 2026 के कैलेंडर बदलने का नहीं बल्कि अपनी सैलरी स्लिप बदलने का इंतजार कर रहे हैं? अगर हाँ तो आपके लिए यह खबर बहुत मायने रखती है क्योंकि नया साल आपके लिए सिर्फ खुशियां ही नहीं बल्कि बैंक बैलेंस में एक बड़ा उछाल लाने की तैयारी भी कर रहा है। सातवें वेतन आयोग की मियाद 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो रही है और नियम के मुताबिक 1 जनवरी 2026 से नया वेतन आयोग लागू हो जाना चाहिए। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आपकी जेब में कितना पैसा आएगा और क्या यह बढ़ोतरी सच में आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी?
कौन तय कर रहा है आपकी सैलरी का भविष्य?
सबसे पहले तो यह जान लीजिए कि आपकी सैलरी बढ़ाने की यह पूरी कवायद किसके हाथों में है। सरकार ने इस भारी-भरकम काम के लिए एक मजबूत टीम तैयार की है जिसकी कमान सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई के हाथों में है। उनके साथ पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय के सचिव पंकज जैन और आईआईएम बेंगलुरु के प्रोफेसर पुलक घोष भी इस आयोग के सदस्य के तौर पर काम कर रहे हैं। इन दिग्गजों को सरकार ने सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि यह कोई रातों-रात होने वाला चमत्कार नहीं है बल्कि एक लंबी प्रक्रिया है जिसमें देश की आर्थिक स्थिति और सरकारी खजाने के बोझ का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
फिटमेंट फैक्टर का ‘मैजिकल गणित’ और आपकी जेब
अब आते हैं उस मुद्दे पर जिस पर सबकी निगाहें टिकी हैं और वह है ‘फिटमेंट फैक्टर’ यानी वह जादुई नंबर जो तय करता है कि आपकी बेसिक सैलरी कितनी गुना बढ़ेगी। आपको याद होगा कि सातवें वेतन आयोग में यह फैक्टर 2.57 था जिसने न्यूनतम वेतन को 7 हजार रुपये से बढ़ाकर सीधे 18 हजार रुपये कर दिया था। इस बार एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि यह फैक्टर 2.5 से लेकर 2.86 के बीच हो सकता है। अगर हम सबसे अच्छे सिनेरियो की बात करें और फैक्टर 2.86 तय होता है तो न्यूनतम सैलरी 51 हजार रुपये के पार जा सकती है। हालांकि व्यवहारिक तौर पर देखें तो सरकार पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को देखते हुए इसे 2.6 या 2.7 के आसपास रखा जा सकता है जिससे सैलरी में सम्मानजनक बढ़ोतरी भी होगी और सरकार का बजट भी नहीं बिगड़ेगा।
क्या 2028 तक करना पड़ेगा एरियर का इंतजार?
यहाँ एक पेंच है जिसे समझना बहुत जरूरी है। भले ही आठवां वेतन आयोग तकनीकी रूप से 1 जनवरी 2026 से लागू होना चाहिए मगर इतिहास गवाह है कि सरकारी प्रक्रियाओं में वक्त लगता है। आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा और उसके बाद सरकार उस पर मंथन करेगी। कई जानकारों और मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि बढ़ा हुआ पैसा शायद आपके हाथों में 2028 तक ही आए। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि वेतन आयोग की परंपरा रही है कि जब भी यह लागू होता है तो इसका फायदा पिछली तारीख यानी 1 जनवरी 2026 से ही एरियर के रूप में मिलता है।
सावधानी और उम्मीद दोनों जरूरी
बाजार में कई तरह की अफवाहें भी गर्म हैं जिनमें से एक यह है कि फिटमेंट फैक्टर घटकर 1.92 रह सकता है जो निश्चित रूप से कर्मचारियों के लिए झटका होगा। वहीं कर्मचारी यूनियनें इसे 3 के पार ले जाने की मांग कर रही हैं। लेकिन हकीकत इन दोनों के बीच कहीं रहने वाली है। अभी तक सरकार ने कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया है इसलिए किसी भी वायरल दावे पर भरोसा करने से पहले थोड़ा रुकें। फिलहाल स्थिति यही इशारा कर रही है कि सैलरी बढ़नी तय है और पेंशन में भी इजाफा होगा लेकिन इसके लिए आपको थोड़ा धैर्य रखना होगा क्योंकि कहते हैं न कि सब्र का फल मीठा होता है।